आम और फैमिली डेंटिस्ट्री
मसूड़ों (पेरियोडॉन्टल) का इलाज
स्वस्थ मसूड़े गुलाबी और सख़्त होते हैं और उनसे खून नहीं आता। मसूड़ों की बीमारी चुपचाप शुरू होती है, पहले ब्रश करते समय खून आने से। इलाज न हो तो यह दांतों को थामने वाली हड्डी को नुकसान पहुँचा सकती है, और दांत हिलने लग सकते हैं।
- इलाज कौन करेगा
- डॉ. रीमा जे. शाह, BDS, MDS प्रॉस्थोडॉन्टिस्ट और इम्प्लांटोलॉजिस्ट
- कहाँ
- सेटेलाइट, अहमदाबाद शंख सर्कल के पास, प्रेरणातीर्थ देरासर रोड
- खर्च
- चेक-अप के बाद बताया जाएगा इलाज शुरू होने से पहले पूरा खर्च पता चल जाएगा
- समय
- सोमवार से शनिवार, 9:30 से 1:00 और 5:00 से 8:00 रविवार को अपॉइंटमेंट पर
शुरुआत में पकड़ में आ जाए तो मसूड़ों की बीमारी आमतौर पर अच्छी प्रोफेशनल सफाई और घर पर बेहतर देखभाल से ठीक हो जाती है।
क्या आपको भी ऐसा होता है?
मसूड़ों की दिक्कत के संकेत
- ब्रश या फ्लॉस करते समय मसूड़ों से खून आना
- मसूड़े लाल, सूजे हुए या छूने पर दुखते हों
- मुँह से बदबू आती हो जो जाती ही न हो
- मसूड़े पीछे हट रहे हों और दांत लंबे दिखने लगे हों
- दांत हिलते हों या अपनी जगह से खिसकने लगे हों
- दांतों और मसूड़ों के बीच से मवाद आता हो
मसूड़ों का इलाज कैसे होता है
- 1
मसूड़ों की जाँच
डॉ. रीमा दांतों और मसूड़ों के बीच की गहराई नापती हैं, और हड्डी देखने के लिए X-ray ले सकती हैं।
- 2
सफाई
स्केलिंग से मसूड़ों की लाइन के ऊपर जमा टार्टर निकाला जाता है।
- 3
ज़रूरत हो तो डीप क्लीनिंग
ज़्यादा गहरी पॉकेट हों तो मसूड़ों के नीचे जड़ की सतह साफ़ की जाती है (रूट प्लानिंग), ताकि मसूड़े ठीक होकर कस जाएँ।
- 4
घर की देखभाल का प्लान
आपको सिखाया जाता है कि आपके मसूड़ों के हिसाब से ब्रश और दांतों के बीच की सफाई कैसे करनी है।
- 5
फॉलो-अप
मसूड़ों को दोबारा देखा जाता है कि वे कितने ठीक हुए हैं।
मसूड़ों के इलाज के बाद
- कुछ दिन मसूड़े दुख सकते हैं और दांतों में ठंडा-गरम लग सकता है
- मसूड़े ठीक होने के साथ खून आना कम होना चाहिए
- रोज़ ब्रश और दांतों के बीच की सफाई करते रहिए
- फॉलो-अप विज़िट पर आइए, ताकि कोई दिक्कत जल्दी पकड़ में आ जाए
मसूड़ों के इलाज के लिए अनाया क्यों
जल्दी पकड़ में आना
हर चेक-अप में मसूड़े देखे जाते हैं, इसलिए दांत हिलने से पहले ही दिक्कत पकड़ ली जाती है।
इलाज और रिप्लेसमेंट एक ही जगह
मसूड़ों की बीमारी से कोई दांत पहले ही जा चुका हो, तो प्रोस्थोडॉन्टिस्ट डॉ. रीमा उसका रिप्लेसमेंट प्लान कर सकती हैं।
काम की सलाह
घर की देखभाल ऐसी जो आप सच में निभा सकें, और सीधी-सादी भाषा में समझाई हुई।
ब्रश करते समय मसूड़ों से खून क्यों आता है?
खून आने का मतलब आमतौर पर यह होता है कि मसूड़ों की लाइन पर प्लाक और टार्टर जमने से मसूड़ों में सूजन है। प्रोफेशनल सफाई और सही ब्रशिंग से यह अक्सर ठीक हो जाता है।
क्या मसूड़ों की बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है?
शुरुआती मसूड़ों की बीमारी (जिंजिवाइटिस) सफाई और घर की अच्छी देखभाल से ठीक हो सकती है। बढ़ी हुई बीमारी को काबू में रखा जा सकता है, लेकिन जो हड्डी घिस चुकी है वह अपने आप वापस नहीं बढ़ती।
क्या डीप क्लीनिंग में दर्द होता है?
ज़रूरत हो तो वह हिस्सा सुन्न करके डीप क्लीनिंग की जाती है, इसलिए तकलीफ़ नहीं होती। बाद में कुछ दिन मसूड़े दुख सकते हैं।
पता
सेटेलाइट, अहमदाबाद में हमारा क्लिनिक
Anaya Dental Clinic & Implant Center117, Lift No. 7, Ratnanjali Solitaire,
Prernatirth Derasar Road, Near HP Petrol Pump, near Sankh Circle,
Satellite, Ahmedabad 380015
पास में: HP पेट्रोल पंप, शंख सर्कल, प्रेरणातीर्थ जैन देरासर
इन इलाकों से मरीज़ आते हैं
- सेटेलाइट
- जोधपुर
- प्रेरणातीर्थ
- श्यामल
- प्रह्लादनगर
- आनंदनगर
- वेजलपुर
- रामदेवनगर
- वस्त्रापुर
- बोडकदेव
- गांधीनगर
- वडोदरा
- अमेरिका
- ऑस्ट्रेलिया
- न्यूज़ीलैंड
- कनाडा
क्लिनिक का समय
| सोमवार से शनिवार | सुबह 9:30 से 1:00 |
|---|---|
| शाम 5:00 से 8:00 | |
| रविवार | अपॉइंटमेंट पर |
मसूड़ों का इलाज के बारे में कोई सवाल है?
अपना सवाल या फोटो WhatsApp पर भेजिए। डॉ. रीमा की टीम आपको बताएगी कि आगे क्या करना है।